मध्यप्रदेश सरकार ने सोमवार को एमपी में
टीचर्स की
बंपर वैकेंसी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की
अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 41205 संविदा शिक्षकों की भर्ती को हरी
झंडी दी। संभावना है कि इसी साल मार्च तक इस भर्ती के लिए आवेदन फार्म
आ जाएंगे और नया शिक्षण सत्र शुरू होने तक ये भर्तियां कर दी जाएंगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) द्वारा भर्ती
परीक्षा करवाई जाएगी। बैठक के बाद मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने संविदा
भर्ती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
तीन महीने तक चलेगी परीक्षा
सूत्रों के मुताबिक प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी पीईबी मार्च तक
आवेदन फार्म
निकालकर
परीक्षा करा सकता है। पर,
कहा
जा रहा है कि ये परीक्षा इस बार चरणबद्ध तरीके से होगी, क्योंकि पिछली बार की भर्ती में जो अव्यवस्थाएं हुईं थीं, उनसे सबक
लेते हुए इस बार परीक्षा को विभिन्न चरणों में पूरा कराया जाएगा।
यानी ये परीक्षाएं दो से तीन महीने तक भी चल सकती हैं। परीक्षा पूरी
तरह ऑनलाइन होगी।
वित्त विभाग भी दे चुका मंजूरी
उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग 41 हजार पदों पर संविदा शिक्षकों की भर्ती
कराना चाहता
था। वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति लगाकर महज 18 हजार पदों पर भर्ती के लिए
मंजूरी दी थी। इसके बाद विभाग ने वित्त को दोबारा प्रस्ताव भेजा। मुख्य सचिव
ने भी एक साथ 41 हजार
पदों पर भर्ती करने के मामले में सवाल खड़ा किया था।
इन पदों पर होगी भर्ती
संविदा शिक्षा वर्ग-1 :
10905 पद
वर्ग दो: 11200
पद
वर्ग तीन:
19000 पद
अब आगे क्या?
कैबिनेट में प्रस्ताव पास हो चुका है। अब नियमावली तैयार की जाएगी।
हालांकि जैसी
उम्मीद
की जा रही थी, वैसा
नहीं हुआ। वर्ग तीन में इस बाद पदों की संख्या काफी ज्यादा
है। वर्ष 2011 में
इससे पहले संविदा शिक्षकों की भर्ती हुई थी। तब वर्ग तीन
में ज्यादा पद दिए गए थे। माना जा रहा था कि इस बाद वर्ग एक और दो में
अधिक पद निकाले जाएंगे,
पर
ऐसा नहीं हुआ।

0 टिप्पणियाँ